सारंगढ़ बिलाईगढ़।
सारंगढ़-बिलाईगढ़।आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण जब बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण और उनके बेहतर भविष्य की चिंता एक साथ सामने हो, तब छोटी-सी आर्थिक मदद भी परिवार के लिए बड़ी राहत बन जाती है। सारंगढ़ के मोची पारा निवासी लक्ष्मीनारायण के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना ऐसी ही मदद लेकर आई है। रेजा मजदूर के रूप में मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लक्ष्मीनारायण अपनी दोनों बेटियों की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते थे। अब मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत उनकी दोनों बेटियों को प्रत्येक 2 हजार रुपये की छात्रवृत्ति राशि मिलने से पढ़ाई का सपना पूरा करने की राह आसान हुई है।
लक्ष्मीनारायण बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाना उनके लिए चुनौती बना रहता था। बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले और वे आगे बढ़ें, यह उनकी इच्छा थी, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां बार-बार चिंता बढ़ाती थीं। ऐसे समय में श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से मिली सहायता ने उन्हें बड़ी राहत दी।
छात्रवृत्ति की राशि मिलने से अब दोनों बेटियों की पढ़ाई को आर्थिक सहारा मिला है। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मिला भरोसा है। पहले जहां पढ़ाई के खर्च को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब बेटियों की शिक्षा जारी रखने और उन्हें आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। परिवार के लिए बेटियों की पढ़ाई अब चिंता से ज्यादा उम्मीद का विषय बन रही है।
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक संबल उपलब्ध कराना है, ताकि परिवार की आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बनें। लक्ष्मीनारायण के परिवार की कहानी इसी उद्देश्य को जमीन पर साकार होते हुए दिखाती है। मेहनत-मजदूरी से परिवार चलाने वाले पिता के लिए बेटियों की शिक्षा का सपना अब पहले से अधिक मजबूत हुआ है।
लक्ष्मीनारायण कहते हैं कि मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से उनकी दोनों बेटियों को मिली छात्रवृत्ति ने पढ़ाई को लेकर उनकी चिंता कम की है। अब वे अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उनके भविष्य को संवारने के लिए और अधिक मेहनत करने का हौसला महसूस करते हैं। एक श्रमिक पिता के लिए बेटियों को पढ़ते और आगे बढ़ते देखना ही सबसे बड़ी खुशी है और शासन की यह सहायता उस खुशी को और मजबूत कर रही है।
‘मेरी बेटियों की शिक्षा, हमारा उज्ज्वल भविष्य’ की भावना के साथ लक्ष्मीनारायण का परिवार अब आगे बढ़ रहा है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच मिली यह सहायता बताती है कि जब शासन की योजनाएं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती हैं, तो उनका असर केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों की शिक्षा, परिवार के आत्मविश्वास और भविष्य की उम्मीदों में भी दिखाई देता है।
